उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने एक जनसभा के दौरान विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले के मुख्यमंत्री नोएडा आने से डरते थे। उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि पहले ऐसी मान्यता थी कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है, उसकी सत्ता चली जाती है, इसलिए वे वहां जाने से बचते थे।
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने तुरंत पलटवार किया। अखिलेश यादव ने कहा कि जब किसी नेता को अपनी हार साफ दिखाई देने लगती है, तो वह अपने पद की गरिमा भूल जाता है और इस तरह के बयान देने लगता है। उन्होंने इसे राजनीतिक घबराहट का संकेत बताया।
अखिलेश ने आगे कहा कि जनता अब समझदार हो चुकी है और ऐसे बयानों से प्रभावित नहीं होने वाली। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में जनता विकास और काम के आधार पर फैसला करेगी, न कि इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप पर।
इस बयानबाजी के बाद यूपी की सियासत और गरमा गई है। दोनों दलों के कार्यकर्ता सोशल मीडिया और जनसभाओं में एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। चुनाव नजदीक आने के साथ ही इस तरह के राजनीतिक हमले और तेज होने की संभावना है।
