भागवत बोले- संघ डंडा लेकर दरवाजे पर खड़ा रहेगा, संतों से भारत को विश्वगुरु बनाने की अपील
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख Mohan Bhagwat ने Vrindavan में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संत समाज को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “संघ डंडा लेकर दरवाजे पर खड़ा रहेगा,” यानी समाज और राष्ट्र की सुरक्षा तथा मूल्यों की रक्षा के लिए संगठन हमेशा तत्पर रहेगा।
मोहान भागवत ने संतों से आह्वान किया कि वे भारत को “विश्वगुरु” बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं विश्व में मार्गदर्शन देने की क्षमता रखती हैं, और इसमें संत समाज का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान भागवत ने संतों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद भी लिया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए संतों और समाज के अन्य वर्गों को मिलकर काम करना होगा।
अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब समाज इन मूल्यों पर चलेगा, तभी देश सशक्त और समृद्ध बनेगा।
इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे प्रेरणादायक संदेश मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक संदर्भ में भी देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करने की कोशिश का हिस्सा होते हैं। वहीं, संतों की भूमिका को लेकर भी नई बहस शुरू हो सकती है।
फिलहाल, यह बयान देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं।
