हार्ट और किडनी का उदाहरण देकर डिजिटल लत पर दी चेतावनी
Yogi Adityanath ने स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रोजाना 6 घंटे तक स्मार्टफोन पर समय बिताना भी एक तरह की बीमारी बन चुकी है, जो लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही है।
योगी ने अपने बयान में स्वास्थ्य का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किडनी खराब होती है तो इंसान किसी तरह जीवन जी सकता है, लेकिन अगर हार्ट ब्लॉक हो जाए तो जीवन खतरे में पड़ सकता है। इसी तरह, डिजिटल लत भी धीरे-धीरे शरीर और दिमाग को प्रभावित करती है और समय रहते इससे बचना जरूरी है।
उन्होंने खासकर युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि मोबाइल फोन का जरूरत के हिसाब से उपयोग करें, न कि इसे आदत बना लें। लंबे समय तक स्क्रीन पर रहने से आंखों की समस्या, नींद की कमी और मानसिक तनाव जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि अत्यधिक स्मार्टफोन उपयोग से ध्यान भटकना, उत्पादकता में कमी और सामाजिक जीवन पर नकारात्मक असर पड़ता है। बच्चों और किशोरों में यह समस्या और तेजी से बढ़ रही है।
योगी ने लोगों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में संतुलन बनाए रखें और डिजिटल डिटॉक्स को अपनाएं। परिवार और सामाजिक गतिविधियों में समय बिताना भी जरूरी है, ताकि मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहे।
फिलहाल, यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में डिजिटल उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और स्मार्टफोन लगभग हर व्यक्ति के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में संतुलित उपयोग की सलाह को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
