धार्मिक ग्रंथों का अलग-अलग जिक्र नहीं; भगवंत मान बोले- सख्ती जरूरी
Punjab में धार्मिक बेअदबी (अपमान) को लेकर सख्त कानून बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने ऐसा बिल पास किया है, जिसमें बेअदबी के मामलों में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति और समाज में चर्चा तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने इस कानून का बचाव करते हुए कहा कि सख्त सजा ही ऐसे अपराधों को रोक सकती है। उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि “अगर एकाध कौआ मारकर लटका दिया जाए, तो कोई ऐसा काम करने की हिम्मत नहीं करेगा।” उनके इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इस बिल की एक खास बात यह है कि इसमें Bhagavad Gita, Quran और Bible का अलग-अलग जिक्र नहीं किया गया है, बल्कि सभी धार्मिक ग्रंथों के सम्मान की बात सामान्य रूप से कही गई है।
समर्थकों का कहना है कि यह कानून धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए जरूरी है, जबकि आलोचकों का मानना है कि इस तरह के कानून का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है और इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर कानून बनाते समय संतुलन जरूरी होता है, ताकि कानून का उद्देश्य पूरा हो और किसी तरह का दुरुपयोग न हो।
फिलहाल, यह बिल राज्य में बहस का विषय बना हुआ है और आने वाले समय में इसके प्रभाव को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
