RLM विधायक की मांग- शराबबंदी खत्म हो, सरकार करे समीक्षा
बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने हाल ही में एक गुरुद्वारे में माथा टेककर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने सचिवालय पहुंचकर अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री की इस यात्रा के दौरान राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। Rashtriya Lok Morcha (RLM) के एक विधायक ने शराबबंदी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में लागू शराबबंदी कानून की समीक्षा की जानी चाहिए और इसे खत्म करने पर विचार होना चाहिए।
विधायक का तर्क था कि शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार जारी है, जिससे न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस नीति की प्रभावशीलता का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
हालांकि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से इस मांग पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन यह मुद्दा राज्य की राजनीति में एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शराबबंदी बिहार की एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण नीति रही है, जिस पर समय-समय पर बहस होती रही है। ऐसे में इस पर किसी भी प्रकार का फैसला राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से अहम होगा।
फिलहाल, सरकार प्रशासनिक कार्यों और नीतिगत फैसलों पर ध्यान केंद्रित किए हुए है, जबकि विपक्ष और अन्य दल इस मुद्दे को लेकर अपनी-अपनी राय सामने रख रहे हैं।
