डेढ़ महीने जांच के बाद देशद्रोह की FIR, सेना से जुड़ी संवेदनशीलता
हरियाणा के Ambala में नेशनल हाईवे पर लगे दो संदिग्ध CCTV कैमरों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती तौर पर सामान्य लगने वाले ये कैमरे बाद में जांच में संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद जासूसी की आशंका जताई गई।
जानकारी के अनुसार, इन कैमरों की गतिविधियों और लोकेशन को देखते हुए शक हुआ कि इनका इस्तेमाल सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए किया जा सकता है। इस कारण मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू की।
करीब डेढ़ महीने तक चली जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में देशद्रोह की FIR दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं, इसकी गहन जांच की जा रही है।
अंबाला क्षेत्र सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां कई सैन्य प्रतिष्ठान मौजूद हैं। ऐसे में संदिग्ध उपकरणों का मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन कैमरों को किसने लगाया, उनका डेटा कहां भेजा जा रहा था और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
