बारिश में डूबा अनाज, मंडी व्यवस्था पर उठे सवाल
हरियाणा के इसराना मंडी में बारिश के बाद हालात बिगड़ गए, जहां मंडी परिसर में पानी भर जाने से गेहूं की फसल डूब गई। इस घटना से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में मंडी में सड़क का निर्माण किया गया था, जिससे उम्मीद थी कि व्यवस्थाएं बेहतर होंगी। लेकिन बारिश होते ही ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल गई और पानी की निकासी न होने के कारण पूरा परिसर जलमग्न हो गया।
मंडी में रखे गेहूं के बोरे पानी में भीग गए, जिससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि वे पहले ही मेहनत और लागत के दबाव में हैं, ऐसे में इस तरह की लापरवाही से उन्हें अतिरिक्त नुकसान झेलना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों और किसानों ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और पानी निकासी के लिए तत्काल कदम उठाने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मंडियों में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम होना बेहद जरूरी है, ताकि बारिश के समय इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके।
फिलहाल, इसराना मंडी में किसान अपनी फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
