गुरुग्राम वन क्षेत्र मामले में सुनवाई के दौरान दी जानकारी
हरियाणा सरकार ने पेड़ों और वन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए नया कानून लाने की तैयारी की जानकारी दी है। यह खुलासा गुरुग्राम के वन क्षेत्र से जुड़ी याचिका पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सामने आया।
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य में तेजी से घटते वन क्षेत्र को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए कानूनी ढांचा मजबूत किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि गुरुग्राम में केवल करीब 3.65% वन क्षेत्र ही बचा है। इस आंकड़े को लेकर अदालत ने चिंता जताई और पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर जोर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरीकरण और तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों का असर हरियाणा के हरित क्षेत्र पर पड़ा है। खासकर गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में पेड़ों की कटाई और वन क्षेत्र में कमी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया कि नए कानून के जरिए पेड़ों की सुरक्षा, अवैध कटाई पर रोक और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए सख्त प्रावधान किए जाएंगे।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस पहल का स्वागत किया है, हालांकि उनका कहना है कि कानून के साथ-साथ उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
फिलहाल, मामले की अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है और सरकार कानून के प्रारूप पर काम कर रही है।
