हरियाणा के सिरसा में निर्माण कार्य में पुरानी ईंटों के इस्तेमाल को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया, जिसके बाद बनाई जा रही दीवार को गिरा दिया गया। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन और संबंधित विभाग ने मामले का संज्ञान लिया, जिसके बाद ठेकेदार को काम रोकना पड़ा। अब नई ईंटों से दोबारा निर्माण कराया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, गांव में एक सरकारी निर्माण कार्य के तहत दीवार बनाई जा रही थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण में पुरानी और कमजोर ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे दीवार की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे थे। लोगों का कहना था कि सरकारी पैसे से हो रहे काम में लापरवाही बरती जा रही है।
ग्रामीणों ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की, जिसके बाद मौके पर जांच की गई। जांच के दौरान निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठे और अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। बाद में ठेकेदार ने पुरानी ईंटों से बनी दीवार को गिरा दिया।
अधिकारियों का कहना है कि अब निर्माण कार्य में नई और मानक गुणवत्ता वाली ईंटों का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही निर्माण कार्य की निगरानी भी की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें सामने न आएं।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष जताया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवाज न उठाई जाती तो घटिया निर्माण कार्य पूरा हो जाता। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सरकारी परियोजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
यह मामला एक बार फिर सरकारी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता नियंत्रण की जरूरत को उजागर करता है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि नियमों के अनुसार ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
