Chandigarh में अब लोगों के लिए अपनी पसंद की कोठी बनवाना आसान नहीं रहेगा। प्रशासन ने शहर में प्लॉटेड डेवलपमेंट को रोकने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। अब भविष्य में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी मॉडल को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां फ्लैट बनाकर बेचे जाएंगे।
जानकारी के अनुसार बढ़ती आबादी, सीमित जमीन और शहरी नियोजन को ध्यान में रखते हुए यह नीति तैयार की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि ग्रुप हाउसिंग मॉडल से जमीन का बेहतर उपयोग हो सकेगा और शहर की प्लानिंग अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।
इस फैसले के बाद नए प्लॉट काटकर व्यक्तिगत कोठियां विकसित करने की संभावनाएं कम हो जाएंगी। इसके स्थान पर बिल्डर और डेवलपर्स मल्टी-स्टोरी ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित करेंगे। इससे फ्लैट संस्कृति को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
रियल एस्टेट सेक्टर में इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे आधुनिक शहरी विकास की जरूरत बता रहे हैं, जबकि कई लोग व्यक्तिगत मकान और स्वतंत्र कोठी के विकल्प सीमित होने को लेकर चिंता जता रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य शहर में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, पार्किंग व्यवस्था और नियंत्रित शहरी विस्तार सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं
