Punjab में शिवालिक रेंज लैंड रेगुलराइजेशन पॉलिसी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस पॉलिसी पर आरोप लग रहे हैं कि इसे कुछ प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया।
विवाद के केंद्र में यह दावा है कि शिवालिक क्षेत्र में ऐसी जमीनें मौजूद हैं जो कथित तौर पर वरिष्ठ नौकरशाहों के परिजनों के नाम पर दर्ज हैं। आरोप लगाने वालों का कहना है कि इनमें राज्य के चीफ सेक्रेटरी के बेटे और एक प्रिंसिपल सेक्रेटरी के पिता से जुड़ी जमीनें भी शामिल हैं।
हालांकि, यह आरोप सार्वजनिक दावों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा हैं। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले को लेकर विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पारदर्शिता की मांग की है और पॉलिसी बनाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
दूसरी ओर, सरकार और संबंधित अधिकारियों की ओर से यह कहा जा रहा है कि पॉलिसी का उद्देश्य भूमि संबंधी पुराने मामलों का समाधान करना और कानूनी स्पष्टता प्रदान करना है। प्रशासन का दावा है कि नीति सभी पात्र लोगों पर समान रूप से लागू होगी।
मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और क्या किसी स्वतंत्र जांच की मांग आगे बढ़ती है।
