हरियाणा के Faridabad में प्रस्तावित तोड़फोड़ अभियान को लेकर हजारों परिवारों में चिंता का माहौल है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि करीब 8 हजार घरों पर कार्रवाई की आशंका के कारण लगभग एक लाख लोग असमंजस और भय में जी रहे हैं।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि वे पिछले 50 वर्षों से इन बस्तियों में रह रहे हैं। उनके अनुसार कई परिवारों ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई लगाकर घर बनाए हैं और अब उन्हें बताया जा रहा है कि उनकी कॉलोनी अवैध श्रेणी में आती है।
निवासियों ने सवाल उठाया है कि दशकों तक बिजली, पानी, सड़क और अन्य सरकारी सुविधाएं मिलने के बाद अचानक उनके घरों को अवैध कैसे घोषित किया जा सकता है। लोगों का कहना है कि यदि कार्रवाई हुई तो हजारों परिवार बेघर हो सकते हैं।
कॉलोनी के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से पुनर्विचार करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। कई स्थानीय संगठनों ने भी लोगों की चिंताओं को उठाया है।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि और निर्माणों की स्थिति कानूनी प्रावधानों के अनुसार तय की जाएगी। मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है और आवश्यक प्रक्रिया के तहत ही आगे की कार्रवाई होगी।
