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नई दिल्ली। पारिवारिक मामलों की सुनवाई को लेकर देश के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने एक अहम सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि फैमिली कोर्ट में जज, वकील और पुलिस के काले चोंगे या यूनिफॉर्म जरूरी हैं या नहीं, इस पर विचार होना चाहिए।
सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि फैमिली कोर्ट में अक्सर पति-पत्नी के विवाद, तलाक, बच्चों की कस्टडी और पारिवारिक झगड़ों जैसे मामले आते हैं। ऐसे मामलों में कई बार छोटे बच्चे भी अदालत में मौजूद होते हैं।
CJI ने टिप्पणी करते हुए कहा कि काले चोंगे और पुलिस की वर्दी देखकर बच्चे डर जाते हैं। इसलिए फैमिली कोर्ट का माहौल ज्यादा सरल और सहज होना चाहिए, ताकि बच्चे और परिवार के लोग बिना डर के अपनी बात रख सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि फैमिली कोर्ट का उद्देश्य परिवारों के बीच सुलह कराना और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना होता है। ऐसे में अदालत का वातावरण ऐसा होना चाहिए, जिससे लोगों को डर या दबाव महसूस न हो।
CJI की इस टिप्पणी के बाद फैमिली कोर्ट की कार्यप्रणाली और माहौल को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोर्ट का माहौल सामान्य और दोस्ताना होगा तो बच्चों और परिवार के लोगों के लिए न्याय प्रक्रिया आसान हो सकती है।
