राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री बनने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच निशांत ने इस सवाल को टाल दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस समय उनका ध्यान किसी पद या राजनीतिक चर्चा पर नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी मां की बहुत याद आ रही है।
निशांत ने भावुक होते हुए कहा कि मां की कमी आज बहुत ज्यादा महसूस हो रही है। उन्होंने कहा, “मां अगर आज होतीं तो बहुत अच्छा होता। ऐसे समय में उनकी बहुत याद आती है।” उनके इस बयान के बाद वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
मुख्यमंत्री पद को लेकर जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो निशांत ने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि अभी वह इन बातों पर ध्यान नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि राजनीति और पद की बातें बाद में भी हो सकती हैं, लेकिन मां की कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता।
निशांत ने आगे कहा कि परिवार के लिए यह समय काफी भावुक और मुश्किल है। ऐसे में वह अपनी मां की यादों में ही डूबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मां हमेशा परिवार को साथ रखने और लोगों की सेवा करने की सीख देती थीं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर भले ही चर्चाएं तेज हों, लेकिन निशांत फिलहाल इन सवालों से दूरी बनाए हुए हैं और व्यक्तिगत भावनाओं को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।
