चंडीगढ़। Indian National Congress ने हरियाणा के आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया है। पार्टी ने मांग की है कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं या फिर EVM के साथ VVPAT मशीन अनिवार्य रूप से जोड़ी जाए ताकि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर जनता के बीच सवाल उठते रहे हैं, ऐसे में यदि वीवीपैट की पर्ची का मिलान सुनिश्चित किया जाए तो मतदाताओं का भरोसा बढ़ेगा। पार्टी ने इस संबंध में पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से राहत न मिलने के बाद अब मामला चुनाव आयोग तक पहुंचाया गया है।
क्या है कांग्रेस की मांग?
कांग्रेस ने दो प्रमुख मांगें रखी हैं—
- नगर निगम चुनाव पारंपरिक बैलेट पेपर से कराए जाएं।
- यदि EVM का इस्तेमाल हो तो हर मशीन के साथ VVPAT (Voter Verified Paper Audit Trail) अनिवार्य रूप से जोड़ी जाए और पर्चियों का मिलान कराया जाए।
पार्टी का कहना है कि स्थानीय निकाय चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोपरि है, इसलिए तकनीकी प्रक्रिया पर किसी तरह का संदेह नहीं रहना चाहिए।
चुनाव आयोग का रुख
सूत्रों के अनुसार, Election Commission of India को कांग्रेस की ओर से ज्ञापन सौंपा गया है। आयोग की ओर से अभी तक औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया कानून और तय दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कराई जाएगी।
राजनीतिक माहौल गरम
नगर निगम चुनावों से पहले इस मुद्दे ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। सत्तारूढ़ दल का कहना है कि EVM पूरी तरह सुरक्षित और सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्य प्रणाली है, जबकि विपक्ष पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की मांग कर रहा है।
अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इस मांग पर क्या फैसला लेता है और क्या नगर निगम चुनावों में मतदान प्रक्रिया में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं।
