नई दिल्ली:
I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) पर हुई रेड को लेकर मामला अब Supreme Court of India पहुंच गया है, जहां सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee से तीखे सवाल किए।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय यानी Enforcement Directorate (ED) ने I-PAC से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, और इसे केंद्र बनाम राज्य की लड़ाई के रूप में देखा जाने लगा।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा:
👉 “अगर केंद्र में आपकी सरकार होती, तो क्या आप एजेंसियों को कार्रवाई से रोकतीं?”
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ED जैसी जांच एजेंसियों को अपने अधिकारों के तहत काम करने की स्वतंत्रता है और उन्हें रोका नहीं जा सकता।
कोर्ट ने क्या कहा?
- ED अधिकारियों के पास कानूनी अधिकार हैं
- जांच एजेंसियों के काम में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए
- कानून सभी के लिए बराबर है, चाहे केंद्र हो या राज्य
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस मामले को लेकर सियासत गरमा गई है।
- TMC का आरोप है कि केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है
- वहीं बीजेपी का कहना है कि जांच पूरी तरह कानून के अनुसार हो रही है
आगे क्या?
अब इस मामले में अगली सुनवाई का इंतजार है। सुप्रीम कोर्ट के रुख से साफ है कि वह जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता को लेकर सख्त है और किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेगा।
यह मामला आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है।
