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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा का इंटरव्यू राउंड हमेशा से ही अपने अनोखे और चुनौतीपूर्ण सवालों के लिए जाना जाता है। इस बार भी इंटरव्यू में अभ्यर्थियों से कई ऐसे सवाल पूछे गए, जिनका जवाब देने के लिए सिर्फ किताबों का ज्ञान ही नहीं बल्कि समझ, संतुलन और तार्किक सोच की भी जरूरत थी।
उत्तर प्रदेश के कुछ चयनित अभ्यर्थियों ने अपने इंटरव्यू अनुभव साझा करते हुए बताया कि बोर्ड ने उनसे समसामयिक मुद्दों पर सवाल किए। इन्हीं में से एक सवाल था—“क्या बुलडोजर एक्शन से इकोनॉमी बढ़ सकती है?”
एक अभ्यर्थी ने जवाब देते हुए कहा कि बुलडोजर एक्शन का उद्देश्य अवैध निर्माण और अपराध पर नियंत्रण करना होता है। अगर कानून व्यवस्था मजबूत होती है और अवैध गतिविधियों पर रोक लगती है तो निवेश का माहौल बेहतर बन सकता है। इससे लंबे समय में आर्थिक गतिविधियों को भी फायदा हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया और संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
इंटरव्यू के दौरान एक और रोचक सवाल पूछा गया—“अगर आपको राष्ट्रपति के भाषण का मसौदा तैयार करना हो तो उसमें क्या लिखेंगी?”
इस पर अभ्यर्थी ने कहा कि राष्ट्रपति के भाषण में देश की उपलब्धियों, सरकार की नीतियों, विकास योजनाओं, सामाजिक समरसता और भविष्य की प्राथमिकताओं का उल्लेख होना चाहिए। साथ ही आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की योजनाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी जोर दिया जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने बताया कि इंटरव्यू बोर्ड का मकसद किसी को फंसाना नहीं होता, बल्कि यह देखना होता है कि उम्मीदवार कठिन परिस्थितियों में किस तरह सोचता है और अपने विचारों को कितनी संतुलित तरीके से प्रस्तुत करता है।
गौरतलब है कि UPSC सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू चरण में उम्मीदवार की व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता और प्रशासनिक समझ को परखा जाता है।
