NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना को लेकर देशभर में गुस्सा और शोक का माहौल है। दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों और सामाजिक संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें पीड़िता की मां भी शामिल हुईं। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी की मौत के जिम्मेदारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।
दिल्ली के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और शिक्षक संगठन जुटे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते दबाव, कोचिंग संस्कृति और छात्रों की मानसिक सेहत को लेकर सवाल उठाए। हाथों में तख्तियां लिए लोग दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।
उधर, पटना में कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान “पप्पू यादव को रिहा करो” के नारे भी लगाए गए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार छात्रों की समस्याओं और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर छात्रों पर असहनीय दबाव डाला जा रहा है, जिसका नतीजा इस तरह की दुखद घटनाओं के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने मांग की कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कोचिंग संस्थानों पर सख्त निगरानी करें और छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता तंत्र को मजबूत करें।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज होता जा रहा है।
