मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और इजराइल–ईरान के बीच जारी टकराव का असर सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों में अनिश्चितता के चलते कई बाजार दबाव में रहे, हालांकि कुछ जगहों पर सीमित उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार हुआ।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4% लुढ़का
दक्षिण कोरिया के प्रमुख इंडेक्स कोस्पी में करीब 4% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। टेक और ऑटो शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बना रहा। विदेशी निवेशकों की निकासी ने भी कमजोरी बढ़ाई।
चीन और हॉन्गकॉन्ग में सपाट कारोबार
चीन के प्रमुख सूचकांक शंघाई कंपोजिट में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंत में यह लगभग सपाट बंद हुआ।
वहीं हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग इंडेक्स भी सीमित दायरे में ट्रेड करता रहा और खास बदलाव नहीं दिखा।
अमेरिकी बाजार में बढ़त
एशियाई कमजोरी के विपरीत, अमेरिका के शेयर बाजारों में मजबूती देखने को मिली।
डॉव जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक में खरीदारी देखने को मिली। विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों और मजबूत कॉरपोरेट नतीजों की उम्मीद में अमेरिकी बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं।
कच्चे तेल और सोने में हलचल
मध्य-पूर्व तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव रहा, जबकि सोने में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इजराइल-ईरान के बीच संघर्ष लंबा खिंचता है, तो वैश्विक बाजारों में और अधिक अस्थिरता देखी जा सकती है।
आगे क्या?
निवेशक फिलहाल भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में युद्ध की स्थिति, तेल आपूर्ति और वैश्विक आर्थिक संकेतकों के आधार पर बाजार की दिशा तय होगी।
