दुनिया भर की राजनीति और सत्ता के गलियारों में इन दिनों “एपस्टीन फाइल्स” को लेकर जबरदस्त हलचल मची हुई है। अमेरिका के कुख्यात फाइनेंसर और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े हजारों पन्नों के दस्तावेज़ सार्वजनिक होने के बाद इसका असर अब 10 से ज्यादा देशों में दिखने लगा है। इन फाइल्स में सामने आए नामों और संपर्कों के आधार पर करीब 80 ताकतवर और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ जांच चल रही है, जबकि कई देशों में वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों को इस्तीफा तक देना पड़ा है।
अमेरिका में राजनीतिक तूफान
एपस्टीन फाइल्स के सार्वजनिक होते ही अमेरिका में राजनीतिक विवाद तेज हो गया। फाइल्स में एपस्टीन के साथ कई प्रभावशाली लोगों की मुलाकातों, यात्राओं और संपर्कों का जिक्र है। हालांकि, जांच एजेंसियां यह स्पष्ट कर रही हैं कि नाम सामने आना और अपराध साबित होना अलग-अलग बातें हैं, फिर भी कांग्रेस और न्याय विभाग पर दबाव बढ़ गया है। कई पूर्व और मौजूदा राजनेताओं से पूछताछ की तैयारी चल रही है, वहीं पीड़ितों की गवाही के आधार पर पुराने मामलों को दोबारा खंगाला जा रहा है।
यूरोप में इस्तीफों की शुरुआत
अमेरिका के बाद यूरोप में इस मामले का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। फ्रांस, ब्रिटेन, नॉर्वे और कुछ अन्य यूरोपीय देशों में वरिष्ठ राजनेताओं और सरकारी सलाहकारों के नाम सामने आने के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे दिए गए हैं। कई देशों में संसदीय समितियों ने स्वतंत्र जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि यह साफ हो सके कि कहीं सत्ता और प्रभाव का दुरुपयोग तो नहीं हुआ।
शाही परिवार और अरबपति भी जांच के दायरे में
एपस्टीन फाइल्स की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जांच की आंच शाही परिवारों, वैश्विक अरबपतियों और बड़े उद्योगपतियों तक पहुंच गई है। कुछ नाम ऐसे हैं जिनका अंतरराष्ट्रीय राजनीति, व्यापार और कूटनीति में गहरा प्रभाव रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि एपस्टीन ने अपने नेटवर्क और प्रभाव का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग या अवैध गतिविधियों के लिए किया या नहीं।
10 देशों तक फैली जांच
अब तक अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, नॉर्वे सहित कम से कम 10 देशों में औपचारिक या प्रारंभिक जांच शुरू हो चुकी है। कई जगहों पर पुराने मामलों को फिर से खोला गया है, जबकि कुछ देशों में नए सिरे से पूछताछ और दस्तावेज़ों की जांच चल रही है। मानवाधिकार संगठनों ने मांग की है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।
क्या है आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि एपस्टीन फाइल्स सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सत्ता, पैसे और प्रभाव के गठजोड़ को उजागर करने वाला वैश्विक स्कैंडल बन चुका है। आने वाले दिनों में और नाम सामने आ सकते हैं, जिससे और देशों में राजनीतिक उथल-पुथल मचना तय माना जा रहा है।
