ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश की रक्षा तैयारियों पर खास फोकस देखने को मिल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस ऑपरेशन से मिले रणनीतिक सबक और बदलती सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए सेना के बजट में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसका उद्देश्य आधुनिक हथियारों की खरीद, तकनीकी अपग्रेड और जवानों की क्षमताओं को और मजबूत करना बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अतिरिक्त फंडिंग सीमावर्ती सुरक्षा, इंटेलिजेंस सिस्टम और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को गति दे सकती है। सरकार का जोर आत्मनिर्भर रक्षा ढांचे पर है, ताकि भविष्य की चुनौतियों का जवाब तेजी और मजबूती से दिया जा सके।
