राज्यसभा चुनाव के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी नेतृत्व ने इस मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त रुख अपनाया है। सूत्रों के मुताबिक, जिन विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप है, उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई (पर्सनल हियरिंग) का मौका नहीं दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर पार्टी की अनुशासन समिति यानी डिसिप्लिनरी कमेटी (DPC) ने तीन विधायकों को बैठक के लिए बुलाया है। इनसे लिखित जवाब लिया जाएगा और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट सीधे पार्टी हाईकमान को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि क्रॉस वोटिंग ने कांग्रेस की रणनीति को नुकसान पहुंचाया है, जिससे राज्यसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। यही वजह है कि नेतृत्व इस बार कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता।
संभावना जताई जा रही है कि दोषी पाए जाने वाले विधायकों के खिलाफ सस्पेंशन या निष्कासन जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। पार्टी इस कदम के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि अनुशासनहीनता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से पार्टी के अंदर अनुशासन मजबूत होगा, लेकिन असंतुष्ट नेताओं की नाराजगी भी बढ़ सकती है। अब सभी की नजर हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
