ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के निधन की खबर सामने आते ही उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिया समुदाय के बीच गहरा शोक फैल गया। खासकर चौक, नक्खास और हुसैनाबाद इलाके में महिलाओं ने घरों और इमामबाड़ों में बैठकर मातम किया। कई महिलाओं की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे।
“वह शेर था, एक मरेगा तो हजार आएंगे”
मातम कर रहीं महिलाओं ने कहा, “खामेनेई सिर्फ ईरान के नेता नहीं थे, बल्कि पूरी उम्मत की आवाज थे। वह शेर थे। एक शेर मरेगा तो हजार पैदा होंगे।” कई जगहों पर दुआ और मजलिस का आयोजन किया गया, जहां उनकी मगफिरत के लिए विशेष प्रार्थना की गई।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
खामेनेई के निधन की खबर के बाद प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
यूपी से खाड़ी देशों की फ्लाइटें रद्द
अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए उत्तर प्रदेश से खाड़ी देशों के लिए जाने वाली कई उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है। लखनऊ और वाराणसी एयरपोर्ट से दुबई, अबू धाबी, दोहा और कुवैत के लिए संचालित कुछ फ्लाइटों पर असर पड़ा है। एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों को रिफंड या री-शेड्यूलिंग का विकल्प दिया है।
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि यह कदम एहतियातन उठाया गया है और हालात सामान्य होते ही उड़ान सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर भी खामेनेई के समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। प्रशासन ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
खामेनेई के निधन से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पूरे देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
