गुरुग्राम। अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी सिद्ध पीठ के महंत राजूदास गुरुग्राम पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे आरोपों को लेकर भी बयान दिया।
महंत राजूदास ने कहा कि किसी भी संत या धार्मिक पद पर आसीन व्यक्ति पर यदि गंभीर आरोप लगते हैं तो उनकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सनातन परंपरा में विश्वास रखते हैं। अगर कोई दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन बिना जांच के किसी को दोषी ठहराना भी उचित नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि संत समाज की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। आरोपों के मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि सच्चाई सामने लाने के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
सनातन और समाज पर भी रखी राय
गुरुग्राम में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने आए महंत राजूदास ने सनातन धर्म, मंदिरों की व्यवस्था और समाज में बढ़ती वैचारिक खींचतान पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने का काम संतों का है, इसलिए विवादों का समाधान कानून और संवाद से होना चाहिए।
जांच और न्याय की मांग
महंत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं अगर आरोप निराधार साबित होते हैं तो झूठे आरोप लगाने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
गुरुग्राम में उनके आगमन पर श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के बाद वे अयोध्या के लिए रवाना हो गए।
