गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में निर्माणाधीन साइट पर बड़ा हादसा सामने आया है, जहां मिट्टी ढहने से 7 मजदूरों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हादसे के पीछे बिल्डर की गंभीर लापरवाही जिम्मेदार है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, निर्माण स्थल पर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं किए गए थे और मिट्टी ढहने की चेतावनी मिलने के बावजूद काम जारी रखा गया।
जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम के एक निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में बेसमेंट की खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा ढह गया और वहां काम कर रहे कई मजदूर उसकी चपेट में आ गए। हादसे में 7 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि साइट पर रिटेंशन वॉल (मिट्टी को संभालने वाली दीवार) नहीं बनाई गई थी, जो गहरी खुदाई के दौरान बेहद जरूरी होती है। सुरक्षा नियमों के मुताबिक, इस तरह की खुदाई के दौरान मिट्टी को गिरने से रोकने के लिए रिटेंशन वॉल या अन्य सुरक्षा इंतजाम करना अनिवार्य होता है, लेकिन बिल्डर ने इन नियमों की अनदेखी की।
स्थानीय लोगों और मजदूरों का आरोप है कि हादसे से पहले भी मिट्टी खिसकने की घटना हुई थी, लेकिन इसके बावजूद काम नहीं रोका गया। मजदूरों को बिना पर्याप्त सुरक्षा के ही काम करने के लिए मजबूर किया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए कई घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
पुलिस ने इस मामले में बिल्डर और ठेकेदार समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल इस मामले में 4 आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी पाई गई तो जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है और मजदूरों के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
