चंडीगढ़ स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) के डॉक्टरों ने सल्फास (एल्युमिनियम फॉस्फाइड) जहर के इलाज में बड़ी सफलता हासिल की है। इस खोज को मेडिकल साइंस के क्षेत्र में अहम माना जा रहा है, क्योंकि अब तक सल्फास जहर के लिए कोई प्रभावी इलाज उपलब्ध नहीं था और इससे मृत्यु दर काफी अधिक रहती थी।
PGI के विशेषज्ञों ने रिसर्च के दौरान एक नई उपचार पद्धति विकसित की है, जिससे सल्फास जहर से प्रभावित मरीजों की जान बचाने की संभावना बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इस इलाज को देने से शरीर पर जहर के घातक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सल्फास जहर आमतौर पर अनाज को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसके सेवन से हर साल बड़ी संख्या में गंभीर मामले सामने आते हैं। PGI की इस खोज से न सिर्फ मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि देशभर के अस्पतालों में इलाज की दिशा भी बदलेगी।
मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज भविष्य में हजारों जिंदगियां बचाने में मददगार साबित हो सकती है।
