चंडीगढ़: शहर में गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। गैंगस्टर साबा गोबिंदगढ़ के खिलाफ रंगदारी मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि उसने एक कारोबारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। मामले में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका के चलते एक ASI (सहायक उपनिरीक्षक) और एक पुलिस कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चंडीगढ़ के एक व्यवसायी को फोन कॉल के जरिए धमकी दी गई। कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर साबा गोबिंदगढ़ का आदमी बताया और 50 लाख रुपये की मांग की। रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
व्यवसायी ने तुरंत इसकी शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई। शुरुआती जांच में सामने आया कि धमकी देने वाला नेटवर्क गैंगस्टर साबा गोबिंदगढ़ से जुड़ा हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित थाने के एक ASI और एक कॉन्स्टेबल की भूमिका संदिग्ध पाई गई। आरोप है कि दोनों ने शिकायत मिलने के बावजूद समय पर उचित कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद विभागीय जांच के आदेश दिए गए और प्राथमिक जांच में लापरवाही सामने आने पर दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।
गैंगस्टर नेटवर्क पर शिकंजा
चंडीगढ़ पुलिस अब गैंगस्टर नेटवर्क की कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रेसिंग और संभावित सहयोगियों की तलाश में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह की रंगदारी और धमकी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि “शहर में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अगर पुलिस विभाग का कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि गैंगस्टर नेटवर्क सिर्फ आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बना हुआ है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
