पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने जांच एजेंसी से केस डायरी और अब तक एकत्र किए गए सबूत पेश करने को कहा। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत के समक्ष कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और संदिग्ध संपर्कों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी के विदेशी संपर्क राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों से संबंधित हैं, इसलिए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा।
वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि उनकी मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और अब तक कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया गया है जो सीधे तौर पर जासूसी गतिविधि को साबित करता हो। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि आरोपी लंबे समय से जांच में सहयोग कर रही हैं और फरार होने की संभावना नहीं है, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी और कहा कि प्रस्तुत दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। फिलहाल ज्योति मल्होत्रा न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले पर पूरे प्रदेश और देश की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया जा रहा है।
