चंडीगढ़/पंचकूला। पंचकूला नगर निगम की वार्डबंदी को लेकर चल रहे विवाद में राज्य सरकार को झटका लगा है। सरकार निर्धारित समय में संबंधित फाइल अदालत में वापस पेश नहीं कर पाई। अब इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में 11 तारीख को सुनवाई तय की गई है।
जानकारी के अनुसार, वार्डों के पुनर्गठन और संख्या में कथित बदलाव को लेकर याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि बिना वार्डों की संख्या घटाए परिसीमन में ऐसा बदलाव किया गया, जिससे कई क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व प्रभावित हुआ। अदालत ने पिछली सुनवाई में सरकार से संबंधित रिकॉर्ड और फाइल पेश करने को कहा था, लेकिन तय समय में दस्तावेज जमा नहीं हो सके।
इस बीच कांग्रेस ने सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि “जब वार्डों की संख्या कम नहीं की गई, तो फिर आंकड़ों में बदलाव कैसे दिखाया जा रहा है?” पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाब की मांग की है।
सरकारी पक्ष का कहना है कि वार्डबंदी की प्रक्रिया नियमों के तहत की गई है और अदालत में सभी तथ्यों को रखा जाएगा। अब 11 तारीख को होने वाली सुनवाई में सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। इस मामले को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और नगर निगम चुनावों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
