चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन राजनीतिक माहौल काफी गरम रहा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पानी की बौछारें चलानी पड़ीं और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग समेत कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार किसानों, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है, इसलिए वे इन मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने पहले उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन जब प्रदर्शन तेज हो गया तो भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया।
वहीं दूसरी ओर, विधानसभा के अंदर बजट सत्र की कार्यवाही शुरू हुई। राज्य के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और रोजगार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं, जिससे राज्य के विकास को गति मिली है।
गवर्नर ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
हालांकि कांग्रेस ने गवर्नर के भाषण पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल सरकार की “कागजी उपलब्धियां” हैं और जमीन पर स्थिति अलग है।
बजट सत्र के पहले ही दिन हुए इस प्रदर्शन के कारण राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में भी विधानसभा के अंदर और बाहर तीखी बहस होने की संभावना है।
