पंजाब सरकार और पुलिस विभाग ने राज्य में अपराध पर लगाम कसने के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ की शुरुआत करने का फैसला लिया है। यह विशेष अभियान कल से पूरे प्रदेश में एक साथ लागू होगा, जिसमें सभी जिलों को अलग-अलग टास्क अलॉट किए गए हैं। अभियान के तहत 72 घंटे तक पुलिस अधिकारी और जवान लगातार एक्शन मोड में रहेंगे।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस ऑपरेशन में करीब 12 हजार पुलिस जवान शामिल होंगे। इनमें जिला पुलिस के साथ-साथ स्पेशल यूनिट्स, एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स और इंटेलिजेंस विंग की टीमें भी शामिल की गई हैं। अभियान के दौरान गैंगस्टर नेटवर्क, नशा तस्करों, अवैध हथियार रखने वालों और वांछित अपराधियों पर विशेष फोकस रहेगा।
राज्य को जोन और जिलों में बांटकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हर जिले में नाकाबंदी, सघन तलाशी अभियान, संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी और रातभर पेट्रोलिंग की जाएगी। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद फील्ड में मौजूद रहकर ऑपरेशन की निगरानी करें।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान होटल-ढाबों, किराए के मकानों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भी चेकिंग तेज की जाएगी। इसके अलावा सोशल मीडिया और डिजिटल इनपुट के आधार पर चिन्हित संदिग्धों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार 2.0 का मकसद अपराधियों में डर और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना है। अधिकारियों ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ी तो अभियान को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
