900 साल से चली आ रही परंपरा; होली गीत गाए, दुल्हंडी की मचेगी धूम
पानीपत (नौल्था): हरियाणा के पानीपत जिले के नौल्था गांव में होली पर्व को लेकर एक अनोखी और ऐतिहासिक परंपरा देखने को मिली। यहां महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ होली पूजन किया। ग्रामीणों के अनुसार यह परंपरा करीब 900 साल पुरानी है, जिसे आज भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाया जा रहा है।
होली पूजन के दौरान गांव की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर एकत्रित हुईं। उन्होंने होलिका दहन स्थल पर पूजा-अर्चना की, परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा के बाद महिलाओं ने पारंपरिक होली गीत गाए, जिनमें राधा-कृष्ण और फाग के लोकगीतों की मधुर धुनें गूंजती रहीं। पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से सराबोर हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस परंपरा की शुरुआत गांव के पूर्वजों ने की थी। मान्यता है कि होली पूजन से गांव में समृद्धि आती है और आपसी भाईचारा मजबूत होता है। यही वजह है कि नई पीढ़ी भी इस परंपरा को पूरी श्रद्धा के साथ आगे बढ़ा रही है।
अब सभी की नजरें दुल्हंडी पर टिकी हैं। गांव में दुल्हंडी के दिन रंग-गुलाल की जमकर बरसात होगी। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी रंगों में सराबोर होकर इस पर्व को मनाएंगे। ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोग नाचेंगे और एक-दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं देंगे।
नौल्था की यह परंपरा न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखे हुए है, बल्कि सामाजिक एकता और परंपराओं के संरक्षण का भी संदेश देती है।
