गुवाहाटी: असम की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। एआईयूडीएफ (AIUDF) प्रमुख और सांसद बदरुद्दीन अजमल ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जाना चाहिए। अजमल ने दावा किया कि मुख्यमंत्री “एक दिन भी पद पर बने रहने के लायक नहीं हैं” और उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
मीडिया से बातचीत के दौरान बदरुद्दीन अजमल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में राज्य में कई विवादित फैसले लिए गए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेते हुए हिमंता बिस्वा सरमा को चुनाव लड़ने से रोकना चाहिए। अजमल ने यह भी कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए।
वहीं, भाजपा नेताओं ने अजमल के बयान को राजनीतिक हताशा करार दिया है। पार्टी का कहना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए विपक्ष इस तरह के आरोप लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और सरकार कानून के दायरे में काम कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में आगामी चुनावों से पहले बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। दोनों दलों के बीच तीखी बयानबाज़ी से राज्य की सियासत गरमा गई है।
फिलहाल, इस मामले में कोई आधिकारिक कानूनी कार्रवाई सामने नहीं आई है, लेकिन अजमल के बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
