पटना/बिहार: बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में मंगलवार को कई बड़ी घटनाएं चर्चा में रहीं। एक ओर मुख्यमंत्री Nitish Kumar के मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने की अटकलें तेज हो गईं, तो दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav और उनके भाई Tej Pratap Yadav ने ‘कुर्ता फाड़ होली’ खेलकर सियासी माहौल गरमा दिया। इसी बीच एक SDM पर छात्राओं के साथ अभद्रता का आरोप लगा, जबकि एक दर्दनाक हादसे में सेफ्टी टैंक में दम घुटने से चार लोगों की मौत हो गई।
1. नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा तेज
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति से अलग होकर राज्यसभा का रुख कर सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सत्तारूढ़ दल के नेताओं का कहना है कि यह महज अफवाह है, लेकिन विपक्ष इसे लेकर सवाल उठा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसा होता है तो बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
2. तेजस्वी-तेजप्रताप की ‘कुर्ता फाड़ होली’
होली के मौके पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव ने समर्थकों के साथ जमकर होली खेली। इस दौरान ‘कुर्ता फाड़ होली’ की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कार्यक्रम शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि दोनों नेताओं ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को जुटाया।
3. SDM पर छात्राओं से बदसलूकी का आरोप
एक अन्य घटना में एक SDM पर स्कूल की छात्राओं की कॉलर पकड़ने और धक्का देने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि किसी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान छात्राएं विरोध कर रही थीं, तभी यह विवाद हुआ। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित कदम उठाया जाएगा।
4. सेफ्टी टैंक में फंसकर 4 लोगों की दर्दनाक मौत
राज्य के एक जिले में सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जहरीली गैस के कारण चार मजदूर टैंक में ही बेहोश होकर फंस गए। उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सुरक्षा उपकरण के सेफ्टी टैंक में उतरना बेहद खतरनाक होता है।
