लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में घनी धुंध ने लोगों को हैरान कर दिया है। आमतौर पर सर्दियों में दिखाई देने वाली धुंध इस बार मार्च में भी छाई हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार करीब 18 साल बाद मार्च में इतनी घनी धुंध देखने को मिल रही है। कई जिलों में विजिबिलिटी घटकर सिर्फ 30 मीटर तक रह गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।
कई जिलों में धुंध का असर
प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और आसपास के कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा और धुंध छाई रही। विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर वाहनों को हेडलाइट जलाकर धीरे-धीरे चलना पड़ा।
दो दिन बाद और बिगड़ सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों में मौसम और खराब हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ और नमी वाली हवाओं के कारण धुंध और बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की भी संभावना जताई गई है।
यातायात पर पड़ा असर
घनी धुंध के कारण हाईवे पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई है। कई जगहों पर लंबा जाम भी देखने को मिला। वहीं कुछ ट्रेनों की रफ्तार भी कम कर दी गई है ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह और देर रात यात्रा करने से बचने, वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मार्च में धुंध का मुख्य कारण तापमान में उतार-चढ़ाव और हवा में नमी की मात्रा बढ़ना है। यदि मौसम की यही स्थिति बनी रही तो अगले कुछ दिनों तक लोगों को धुंध और ठंडे मौसम का सामना करना पड़ सकता है।
