राम मंदिर में आज एक अद्भुत और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब रामलला का सूर्य तिलक विधिवत सम्पन्न किया गया। इस खास अवसर पर सूर्य की किरणें ठीक 9 मिनट तक भगवान रामलला के ललाट पर पड़ीं, जिसे देखने के लिए लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे।
सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। अनुमान है कि करीब 10 लाख श्रद्धालु इस दिव्य पल के साक्षी बने। पूरे अयोध्या शहर में उत्सव जैसा माहौल रहा—भजन, कीर्तन और जय श्रीराम के नारों से वातावरण गूंज उठा।
सूर्य तिलक से पहले रामलला का विधिवत पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान को स्वर्ण जड़ित पीतांबर पहनाया गया, जिससे उनकी दिव्यता और भी निखर उठी। मंदिर के गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की गई और पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान सम्पन्न कराया।
सूर्य तिलक की यह प्रक्रिया आधुनिक तकनीक और पारंपरिक आस्था का अनूठा संगम है, जिसमें विशेष दर्पण और लेंस के माध्यम से सूर्य की किरणों को ठीक भगवान के मस्तक पर केंद्रित किया गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गईं, जिससे दर्शन सुचारु रूप से चलते रहे।
यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि देशभर में श्रद्धा और उत्साह का केंद्र भी रहा। अयोध्या में आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया।
