हिसार रेलवे स्टेशन पर तैनात एक टिकट क्लर्क द्वारा करीब 17 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। आरोपी क्लर्क पर आरोप है कि वह लंबे समय से यात्रियों से वसूले गए जुर्माने और टिकट किराए की रकम को रेलवे के खाते में जमा कराने के बजाय अपनी जेब में डालता रहा। नियमित ऑडिट के दौरान खातों में भारी गड़बड़ी मिलने पर यह पूरा मामला उजागर हुआ।
जानकारी के मुताबिक, रेलवे प्रशासन ने जब टिकट बिक्री, बिना टिकट यात्रा पर वसूले गए जुर्माने और अन्य मदों की राशि का मिलान किया, तो रिकॉर्ड और जमा रकम में बड़ा अंतर पाया गया। जांच में सामने आया कि संबंधित टिकट क्लर्क ने कई महीनों तक अलग-अलग तरीकों से नकद राशि जमा नहीं की और फर्जी एंट्री के जरिए गबन करता रहा।
ऑडिट रिपोर्ट सामने आने के बाद रेलवे अधिकारियों ने तुरंत आरोपी क्लर्क से जवाब तलब किया। प्रारंभिक पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने पर उसे निलंबित कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं और गबन की गई रकम की रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि यात्रियों के पैसों में गड़बड़ी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
