हरियाणा के Karnal में स्थित Food Corporation of India (FCI) गोदाम में सामने आए कथित गेहूं घोटाले के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जांच के बाद अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोदाम में गेहूं के स्टॉक और रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। जांच के दौरान कुछ अनियमितताओं के संकेत मिलने पर मामले की विस्तृत समीक्षा की गई। अब प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा जिम्मेदारी सामने आती है तो उससे वित्तीय नुकसान की रिकवरी की जाएगी।
मामले में लगभग 9500 कट्टों की दोबारा तौल कराने का भी निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि पुनः तौल से वास्तविक स्टॉक की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों का सत्यापन किया जा सकेगा।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी। दोबारा तौल के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे और सभी रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। यदि किसी प्रकार की कमी या अंतर पाया जाता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि सरकारी भंडारण और खाद्यान्न प्रबंधन से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल मामले की जांच और सत्यापन प्रक्रिया जारी है। दोबारा तौल की रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
