हरियाणा के करनाल में आयोजित कथावाचक Pradeep Mishra की कथा के हिसाब-किताब को लेकर विवाद सामने आया है। नगरखेड़ा सभा ने आयोजन से जुड़े वित्तीय लेन-देन और खर्चों पर सवाल उठाते हुए मंडी कमेटी से पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, कथा आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाएं की गई थीं। अब आयोजन के बाद खर्च, सहयोग राशि और अन्य वित्तीय पहलुओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
नगरखेड़ा सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक और सामुदायिक स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। उनका कहना है कि आयोजन पर हुए कुल खर्च, प्राप्त दान राशि, प्रायोजन और अन्य आर्थिक स्रोतों का विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि किसी प्रकार की शंका न रहे।
सभा की ओर से मंडी कमेटी को इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा गया है। ज्ञापन में आयोजन से जुड़े सभी वित्तीय दस्तावेज, आय-व्यय का ब्यौरा और प्रशासनिक अनुमतियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
वहीं आयोजन से जुड़े पक्षों का कहना है कि सभी कार्य निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत किए गए हैं। उनका दावा है कि यदि किसी संस्था या व्यक्ति को कोई जानकारी चाहिए तो उसे संबंधित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराया जा सकता है।
इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों की भी इस मामले पर नजर बनी हुई है। लोगों का मानना है कि सार्वजनिक आयोजनों में पारदर्शिता से विवादों की संभावना कम होती है और जनता का विश्वास भी बना रहता है।
फिलहाल मंडी कमेटी और संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और जानकारी सामने आने की संभावना है।
