कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन को अब छात्र संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। छात्र संगठन एसेप (ASEP) के प्रदेशाध्यक्ष ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और सरकार से जवाब मांगना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार स्पष्ट जवाब देने में विफल रही है। उनका कहना है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मामलों में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और इसे किसी भी तरह से कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।
छात्र संगठन ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि यदि शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं हो पा रहा है और छात्रों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री को पद छोड़ देना चाहिए।
प्रदर्शन के समर्थन में कई छात्र कार्यकर्ताओं ने भी अपनी राय रखी और कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। इस बीच प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
