गुरुग्राम में बारिश के बाद जलभराव को लेकर मचे बवाल के बीच केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। बैठक में गुरुग्राम में जलभराव और पानी की निकासी को लेकर चर्चा हुई। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि जलभराव की समस्या के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलबी की जाएगी।
गुरुग्राम में बारिश के बाद कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया था। जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई और कई जगह ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई। इसके बाद शहर की ड्रेनेज और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठे।
इसी बीच राव इंद्रजीत सिंह मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच गुरुग्राम में जलभराव की स्थिति और इसके स्थायी समाधान को लेकर चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि जलभराव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
राव इंद्रजीत ने यह भी कहा कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में सिर्फ अस्थायी तरीके से पानी निकालना पर्याप्त नहीं है। जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तलाशना जरूरी है।
उन्होंने पानी की निकासी के लिए मेट्रो की तर्ज पर भूमिगत सुरंगें बनाने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि जिस तरह मेट्रो के लिए जमीन के नीचे सुरंगों का इस्तेमाल किया जाता है, उसी तरह बारिश के पानी की निकासी के लिए भी बड़े स्तर पर भूमिगत सिस्टम तैयार किया जा सकता है।
गुरुग्राम में तेजी से बढ़ते निर्माण और शहरीकरण के कारण ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बढ़ा है। भारी बारिश के दौरान कई इलाकों में पानी जमा होने की समस्या सामने आती रही है। ऐसे में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बारिश के पानी की तेजी से निकासी और भविष्य में जलभराव रोकना है।
मेट्रो जैसी भूमिगत सुरंगों का सुझाव इसी दिशा में एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर समाधान के तौर पर सामने आया है। हालांकि, इस तरह की परियोजना के लिए तकनीकी अध्ययन, लागत, जमीन के नीचे मौजूद यूटिलिटी नेटवर्क और पानी की निकासी की क्षमता जैसे कई पहलुओं पर काम करना होगा।
बैठक के दौरान अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया। अब देखना होगा कि सरकार इस सुझाव को किस तरह आगे बढ़ाती है और इसके लिए क्या योजना तैयार की जाती है।
गुरुग्राम देश के प्रमुख IT और कॉरपोरेट केंद्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना काम और कारोबार के लिए आते-जाते हैं। इसलिए बारिश के दौरान जलभराव से ट्रैफिक और आम जनजीवन पर सीधा असर पड़ता है।
जलभराव के बाद सोशल मीडिया पर भी गुरुग्राम की सड़कों के कई वीडियो वायरल हुए थे। लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की थी। अब मुख्यमंत्री और केंद्रीय राज्यमंत्री की मुलाकात के बाद इस मुद्दे पर सरकार की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
फिलहाल गुरुग्राम जलभराव को लेकर राव इंद्रजीत सिंह और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मुलाकात हुई है। राव इंद्रजीत ने अधिकारियों से जवाब-तलबी की बात कही है और पानी की निकासी के लिए मेट्रो की तरह भूमिगत सुरंगें बनाने का सुझाव दिया है।
