हरियाणा के गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मशाल मार्च निकालकर हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को छात्रों और विपक्ष के संघर्ष की जीत बताया तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
मशाल मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज और लगातार किए गए विरोध के बाद यह राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। उनके अनुसार, यह केवल एक व्यक्ति के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं की मांगों को गंभीरता से लेने का संदेश है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को समय पर नहीं सुना गया, जिसके कारण देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से शिक्षा और युवाओं से जुड़े मामलों पर पारदर्शी और जवाबदेह नीति अपनाने की मांग की।
मार्च के दौरान कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित रखा गया।
फिलहाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। विभिन्न दल अपने-अपने दृष्टिकोण से इस मुद्दे पर बयान दे रहे हैं।
