“जिंदगीभर में जो बनाया, प्रशासन ने तोड़ दिया”—प्रभावित परिवारों का दर्द छलका
Chandigarh में जारी डिमोलिशन ड्राइव के खिलाफ लोगों का विरोध दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रभावित परिवार सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि उन्होंने जिंदगीभर की मेहनत से जो घर बनाए थे, उन्हें अचानक तोड़ दिया गया, जिससे वे बेघर हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, Chandigarh Housing Board की ओर से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम नियमों के पालन और शहर की व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है। हालांकि, इस कार्रवाई से हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिना पर्याप्त नोटिस और पुनर्वास की व्यवस्था किए उनके घरों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि जब तक उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दी जाती, तब तक डिमोलिशन ड्राइव को रोका जाए। कुछ लोगों ने कहा कि यह उनके साथ अन्याय है और प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
दूसरे दिन के प्रदर्शन में महिलाओं और बुजुर्गों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है—जहां एक ओर कानून का पालन हो, वहीं दूसरी ओर प्रभावित लोगों के पुनर्वास का भी ध्यान रखा जाए।
फिलहाल, प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है, अगर कोई समाधान नहीं निकाला गया।
