चंडीगढ़ में मेडिकल स्टोर के कैशियर की हत्या के मामले में जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने इस वारदात की योजना काफी पहले बना ली थी। पुलिस का मानना है कि हत्या की साजिश मई महीने से ही रची जा रही थी और इसे अंजाम देने के लिए विस्तृत तैयारी की गई।
जांच में सामने आया है कि आरोपी वारदात से पहले चार दिनों तक दो अलग-अलग होटलों में ठहरे थे। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल और आसपास के इलाके की लगातार रेकी की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कैशियर की दिनचर्या, आने-जाने के समय और गतिविधियों का बारीकी से अध्ययन किया, ताकि वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया जा सके।
बताया जा रहा है कि रेकी पूरी होने के बाद आरोपियों ने होटल से चेकआउट किया और उसी दिन हत्या की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद वे मौके से फरार हो गए। जांच एजेंसियां होटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही हैं।
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस की इंटेलिजेंस और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। इतनी लंबी अवधि तक आरोपियों के शहर में रहकर रेकी करने के बावजूद उनकी गतिविधियों का पता नहीं चल पाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं की भी समीक्षा की जाएगी।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ, तकनीकी साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे षड्यंत्र और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो जाएगी।
