हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। यह भारतीय रेलवे और देश के हरित ऊर्जा मिशन के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। इस पहल के साथ भारत स्वच्छ और टिकाऊ रेल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है।
हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ के अवसर पर केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और हरियाणा के मंत्री विपुल गोयल ने इस परियोजना को भविष्य के परिवहन की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण में कमी लाने के लिए हरित ऊर्जा आधारित परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देना समय की मांग है।
उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेनें पारंपरिक डीजल ट्रेनों की तुलना में अधिक पर्यावरण-अनुकूल हैं। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य रेलवे नेटवर्क को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस है और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगी। भविष्य में इस तकनीक का विस्तार अन्य रेल मार्गों पर भी किया जा सकता है, जिससे देश में ग्रीन ट्रांसपोर्ट को नई गति मिलेगी।
हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन हरियाणा के लिए भी गर्व का विषय माना जा रहा है। इस परियोजना से न केवल रेलवे के आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता भी दुनिया के सामने प्रदर्शित होगी। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में ऐसी तकनीकें देश के परिवहन तंत्र को और अधिक टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाएंगी।
