हरियाणा में धान उठान व्यवस्था को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। कथित तौर पर “जीरो किलोमीटर” गाड़ियों के रिकॉर्ड सामने आने के बाद धान परिवहन प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। इस मामले में लगभग ₹20 करोड़ का भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, परिवहन रिकॉर्ड में कुछ वाहनों की दूरी शून्य किलोमीटर (Zero Kilometer) दर्ज होने के कारण भुगतान प्रक्रिया पर आपत्ति जताई गई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने भुगतान रोकते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। उद्देश्य यह पता लगाना है कि रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी तकनीकी त्रुटि का परिणाम है या किसी अन्य कारण से ऐसा हुआ।
इस बीच ट्रांसपोर्टर्स ने विभाग के सामने प्रस्तुति (Presentation) देकर अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि यह मामला किसी अनियमितता का नहीं, बल्कि तकनीकी खामी का परिणाम हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि सॉफ्टवेयर या डेटा रिकॉर्डिंग में आई समस्या के कारण कुछ वाहनों की दूरी गलत दर्ज हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्टर्स की प्रस्तुति और संबंधित तथ्यों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी गई है। अब सरकार और संबंधित विभाग इस रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही रुके हुए भुगतान पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। यदि तकनीकी त्रुटि की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार आवश्यक सुधार किए जाएंगे। वहीं, यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
