हरियाणा के पानीपत में को-ऑपरेटिव बैंक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार ने पहले कई आश्वासन दिए थे, लेकिन अब तक उन्हें लागू नहीं किया गया।
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों और पदाधिकारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार बार-बार आश्वासन देकर कर्मचारियों को टाल रही है। इसी कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में सहकारिता मंत्री के आवास का घेराव किया जा सकता है। इसके अलावा प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। उन्होंने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए और किए गए वादों को पूरा किया जाए।
उधर, प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन जब तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे संघर्ष जारी रखेंगे। फिलहाल सभी की नजरें सरकार की अगली प्रतिक्रिया और कर्मचारियों की प्रस्तावित रणनीति पर टिकी हुई हैं।
यह प्रदर्शन प्रदेश में सहकारी बैंक कर्मचारियों की समस्याओं और उनकी मांगों को लेकर चल रही बहस को एक बार फिर चर्चा में ले आया है।
