हरियाणा के झज्जर में पूर्व मंत्री कृष्ण मूर्ति हुड्डा ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि 2029 के चुनाव में दीपेंद्र हुड्डा रोहतक से और भूपेंद्र हुड्डा किलोई से हारेंगे। साथ ही उन्होंने खुद चुनाव लड़ने की भी घोषणा की।
कृष्ण मूर्ति हुड्डा के इस बयान के बाद हरियाणा की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने हुड्डा परिवार की राजनीतिक पकड़ को लेकर सवाल उठाते हुए दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता का रुख अलग हो सकता है।
उन्होंने कहा कि वह 2029 में चुनाव मैदान में उतरेंगे और अपने राजनीतिक अनुभव के आधार पर जनता के बीच जाएंगे। हालांकि उन्होंने किस सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी है, इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
दीपेंद्र हुड्डा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा की राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। ऐसे में उनके खिलाफ 2029 में हार का दावा राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कृष्ण मूर्ति हुड्डा ने अपने बयान के जरिए कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और हुड्डा परिवार के प्रभाव पर भी निशाना साधा। उनके बयान के बाद कांग्रेस समर्थकों और विरोधी दलों के बीच राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि 2029 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है। चुनावी नतीजे उस समय जनता के वोट और राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे। फिलहाल कृष्ण मूर्ति हुड्डा का दावा राजनीतिक बयान के तौर पर चर्चा में है।
झज्जर में दिए गए इस बयान के बाद अब राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहा है कि 2029 में हरियाणा की सियासत किस दिशा में जाएगी।
