हरियाणा के Narnaul से एक प्रेरणादायक और भावुक घटना सामने आई है। यहां एक इंजीनियर बेटी ने अपनी मां के निधन के बाद समाज की पारंपरिक धारणाओं को पीछे छोड़ते हुए उन्हें मुखाग्नि दी और अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली।
जानकारी के अनुसार मंजू नामक महिला का कैंसर के कारण निधन हो गया। परिवार में बेटा नहीं होने के कारण उनकी बेटी ने आगे आकर अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां उठाईं।
बेटी ने न केवल अपनी मां को मुखाग्नि दी, बल्कि तेरहवीं तक होने वाली सभी धार्मिक और पारिवारिक रस्में भी स्वयं निभाने का निर्णय लिया है। इस कदम की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है और लोग बेटी के साहस व समर्पण की सराहना कर रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि बेटी ने हर मुश्किल समय में अपनी मां का साथ दिया और अंतिम समय तक उनकी देखभाल की। मां के निधन के बाद भी उसने पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए अंतिम संस्कार की परंपराएं निभाईं।
यह घटना समाज में बेटियों की बदलती भूमिका और उनके प्रति बढ़ते सम्मान का एक उदाहरण मानी जा रही है। कई लोगों ने इसे महिला सशक्तिकरण और समानता की दिशा में एक सकारात्मक संदेश बताया है।
