हरियाणा के करनाल में एक सड़क हादसे के बाद सामने आई कहानी ने सभी को भावुक कर दिया। परिवार के अनुसार, बेटे का रिश्ता तय होने की खुशी में सभी ने खाटू श्याम के दर्शन करने का कार्यक्रम बनाया था। लेकिन मंदिर पहुंचने से पहले ही उनकी यात्रा एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। जिस परिवार में शादी की खुशियों की तैयारी चल रही थी, वहां अचानक मातम छा गया। रिश्तेदारों और परिचितों का अस्पताल और घर पर तांता लगा रहा।
दुख की इस घड़ी में परिवार ने एक ऐसा निर्णय लिया, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। परिजनों ने तीनों दिवंगतों की आंखें (नेत्र) दान करने का फैसला किया। चिकित्सकों की टीम ने आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद सफलतापूर्वक नेत्रदान कराया।
डॉक्टरों के अनुसार, नेत्रदान से कई जरूरतमंद लोगों को नई रोशनी मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले समाज के लिए प्रेरणादायक होते हैं और अंगदान व नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
परिजनों ने बताया कि भले ही उन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया हो, लेकिन उनकी आंखों के माध्यम से किसी और की जिंदगी में उजाला पहुंचेगा, यही सोच उन्हें इस कठिन निर्णय तक लेकर आई।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी परिवार के इस मानवीय कदम की सराहना की है। यह घटना एक ओर सड़क सुरक्षा की अहमियत की याद दिलाती है, वहीं दूसरी ओर नेत्रदान जैसे महान कार्य के प्रति समाज को सकारात्मक संदेश भी देती है
